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होली में

4.2
180

चारो तरफ मंदी की छाई मार होली में, मुसीबत हो गई इस फागुनी त्यौहार होली में . है फीकी चाय की प्याली,भरी यह जेब भी खाली, हैं खाली राशनों के अब सभी भंडार होली में, मुसीबत हो गई इस फागुनी त्यौहार ...

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लेखक के बारे में

आत्म कथ्य---मेरी कहानियां जिन्दगी के आसपास साँसें लेती हैं. जीवन के सुख,दुःख, हर्ष विषाद प्रेम की सुन्दरतम अनुभूतियों का दर्पण बन समाज को सच दिखाना ही उनकी सार्थक अभिव्यक्ति है भटके हुए कदमों को उनके सपनों की राह तक पहुंचाना ,और संवेदना के एक नए क्षितिज का निर्माण करना है.

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Sonia Pratibha "Tani"
    01 अक्टूबर 2018
    बहुत सुंदर शब्द रचना का भाव भी अनुदान सा है
  • author
    Rakhi Asthana
    19 मई 2020
    अति सुंदर होली को लेकर रचना लिखी आपने
  • author
    29 नवम्बर 2018
    अतिउत्तम👌👌👌
  • author
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  • author
    Sonia Pratibha "Tani"
    01 अक्टूबर 2018
    बहुत सुंदर शब्द रचना का भाव भी अनुदान सा है
  • author
    Rakhi Asthana
    19 मई 2020
    अति सुंदर होली को लेकर रचना लिखी आपने
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    29 नवम्बर 2018
    अतिउत्तम👌👌👌