चारो तरफ मंदी की छाई मार होली में, मुसीबत हो गई इस फागुनी त्यौहार होली में . है फीकी चाय की प्याली,भरी यह जेब भी खाली, हैं खाली राशनों के अब सभी भंडार होली में, मुसीबत हो गई इस फागुनी त्यौहार ...
आत्म कथ्य---मेरी कहानियां जिन्दगी के आसपास साँसें लेती हैं. जीवन के सुख,दुःख, हर्ष विषाद प्रेम की सुन्दरतम अनुभूतियों का दर्पण बन समाज को सच दिखाना ही उनकी सार्थक अभिव्यक्ति है भटके हुए कदमों को उनके सपनों की राह तक पहुंचाना ,और संवेदना के एक नए क्षितिज का निर्माण करना है.
सारांश
<p>आत्म कथ्य---मेरी कहानियां जिन्दगी के आसपास साँसें लेती हैं. जीवन के सुख,दुःख, हर्ष विषाद प्रेम की सुन्दरतम अनुभूतियों का दर्पण बन समाज को सच दिखाना ही उनकी सार्थक अभिव्यक्ति है भटके हुए कदमों को उनके सपनों की राह तक पहुंचाना ,और संवेदना के एक नए क्षितिज का निर्माण करना है.</p>
रिपोर्ट की समस्या
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