pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

हिफाजत

5
3

दिल की धड़कने गिन रहा कोई, दूर से हिसाब रख रहा कोई, किसी मनहूस की नजर न लग जाए, दिल को दिल में बसा रहा कोई। धड़कनों के साज पे जो गजल उसने छेड़ी है, रूह जिंदगी की बन के वो थिरकती है । शुक्रिया अदा ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
author
Satyavrata Sharma

सेवा निवृत्ति के बाद अपने बचपन से संरक्षित चित्रकारी की रुचि को मूर्त रुप देने का प्रयास करता रहता हूं।लेखन की ओर भी रुझान है। जयपुर में निवास करता हूं।अब आपसे जुड़ने का प्रयास है।

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Jaya Nagar
    28 മെയ്‌ 2024
    धड़कनों की साज़ पर.... 👍👌👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏लाजवाब प्रस्तुतिकरण👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍 🙏😊
  • author
    upendra kumar singh "परमार"
    28 മെയ്‌ 2024
    बहुत सुंदर रचना
  • author
    किरण मिश्रा
    28 മെയ്‌ 2024
    बहुत खूब
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Jaya Nagar
    28 മെയ്‌ 2024
    धड़कनों की साज़ पर.... 👍👌👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏लाजवाब प्रस्तुतिकरण👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍 🙏😊
  • author
    upendra kumar singh "परमार"
    28 മെയ്‌ 2024
    बहुत सुंदर रचना
  • author
    किरण मिश्रा
    28 മെയ്‌ 2024
    बहुत खूब