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हे राम तुम फिर से, इस धरा पर आओ !

4.0
513

हे राम तुम फिर से इस धरा पर आओ नवसृजन के नवनिर्माण के गीत फिर से गाओ हे राम तुम फिर से इस धरा पर आओ भक्त अब फिर से डरे है संत भी सहमे खड़े है इस अंधकार और निशा से तुम हमें बचाओ हे राम तुम फिर से इस ...

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लेखक के बारे में
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Manjit Singh
    17 जून 2020
    kavita saarthak he sach he . aaj samaaj me vishai vikaar badh gae he. achhaai kum ho gai he. kavi ko shat shat naman
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    01 सितम्बर 2020
    अत्यन्त ही प्रभावी अभिव्यक्ति ।
  • author
    Himani Bhardwaj
    21 जुलाई 2020
    सच में हे राम अब अा जाओ।
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  • author
    Manjit Singh
    17 जून 2020
    kavita saarthak he sach he . aaj samaaj me vishai vikaar badh gae he. achhaai kum ho gai he. kavi ko shat shat naman
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    01 सितम्बर 2020
    अत्यन्त ही प्रभावी अभिव्यक्ति ।
  • author
    Himani Bhardwaj
    21 जुलाई 2020
    सच में हे राम अब अा जाओ।