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हमारा समाज

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हमारे समाज में ........       कहाँ पर बोलना है     और कहाँ पे बोल जाते हैं । जहाँ खामोश रहना होता है वहाँ मुँह खुल जाते है । बहुत ऊंची दुकानों ...

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लेखक के बारे में
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💞𝘴ꪑ𝓲𝓽ꪖ💞

छोटी सी ज़िन्दगी है हस कर जिओ भुला के गम सारे दिल से जिओ अपने लिए ना सही अपनों के लिए जिओ....। 🥰🥰🥰💞💞💞🥰🥰🥰💕💕💕🥰🥰🥰 लेखक तो नहीं ना ही हूं मैं कवि जो दिल में आये लिख देती हूं कभी कभी✍️✍️

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    16 अप्रैल 2023
    बेहद ही खूबसूरत और सार्थक रचना इसी तरह यूंही लिखते रहे। सच में अच्छा लिखते हैं आप
  • author
    AFROZ KHAN
    16 अप्रैल 2023
    अद्भुत उम्दा लेखन । मेरी भी रचना पढ़े अच्छी लगे तो फॉलो और कॉमेंट करें।👍👌💯⭐🌟🌹🌹🌹💐
  • author
    SACHIN
    17 अप्रैल 2023
    बहुत सुंदर....👌👌👌
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    16 अप्रैल 2023
    बेहद ही खूबसूरत और सार्थक रचना इसी तरह यूंही लिखते रहे। सच में अच्छा लिखते हैं आप
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    AFROZ KHAN
    16 अप्रैल 2023
    अद्भुत उम्दा लेखन । मेरी भी रचना पढ़े अच्छी लगे तो फॉलो और कॉमेंट करें।👍👌💯⭐🌟🌹🌹🌹💐
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    SACHIN
    17 अप्रैल 2023
    बहुत सुंदर....👌👌👌