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हिन्दी

हैवानियत

4.4
10101

कुछ दिनों से मंगल का मन दुखी-सा था।शाम होते ही शराब की बोतल खोल ली थी।साथ ही साथ अपनी किस्मत को भी कोसे जा रहा था।शराब की घूंट भरते-भरते उसकी नजर सामने चल रहे टी. वी.के समाचारों पर पड़ी तो एम दम खुशी ...

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लेखक के बारे में
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सुरेखा शर्मा

डा.सुरेखा शर्मा (पूर्व हिन्दी/संस्कृत विभागाध्यक्ष) सदस्या -नीति आयोग, समीक्षक /स्वतन्त्र लेखन. पच्चास से अधिक कहानियां,आलेख,व्यंग्य, कविताएं, नाटक आदि विभिन्‍न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित । दो कहानी संग्रह, बाल कविता,बाल एकांकी का प्रकाशन । सम्प्रति -कादम्बिनी क्लब गुड़गांव संचालिका

समीक्षा
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  • author
    Meenaxi Sukhwal
    19 सितम्बर 2019
    कटु सत्य
  • author
    Abhay pratap
    21 अप्रैल 2019
    अतिक्रूर और रोंगटे खड़े कर देने वाली कथा । इसे पढ़कर जितना भय हुआ उतना ही दुख भी और एक सवाल अंदर तक चीरते हुए चला गया कि क्या यही हमारे देश और समाज की सच्चाई है?
  • author
    mahadev patne
    24 नवम्बर 2019
    दिल हिलाकर रख देनेवली कथा.।धन्यवाद
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    Meenaxi Sukhwal
    19 सितम्बर 2019
    कटु सत्य
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    Abhay pratap
    21 अप्रैल 2019
    अतिक्रूर और रोंगटे खड़े कर देने वाली कथा । इसे पढ़कर जितना भय हुआ उतना ही दुख भी और एक सवाल अंदर तक चीरते हुए चला गया कि क्या यही हमारे देश और समाज की सच्चाई है?
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    mahadev patne
    24 नवम्बर 2019
    दिल हिलाकर रख देनेवली कथा.।धन्यवाद