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हिन्दी

ग्यारह वर्ष का समय

4.8
2091

दिन-भर बैठे-बैठे मेरे सिर में पीड़ा उत्‍पन्‍न हुई : मैं अपने स्‍थान से उठा और अपने एक नए एकांतवासी मित्र के यहाँ मैंने जाना विचारा। जाकर मैंने देखा तो वे ध्‍यान-मग्‍न सिर नीचा किए हुए कुछ सोच रहे थे। ...

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लेखक के बारे में

मूल नाम : आचार्य रामचंद्र शुक्ल उपनाम : आचार्य, आचार्य शुक्ल जन्म : 4 अक्टूबर 1884 देहावसान: 2 फरवरी 1941 भाषा : हिन्दी विधाएँ : आलोचना, निबंध, साहित्येतिहास आचार्य रामचंद्र शुक्ल हिन्दी साहित्य के वैज्ञानिक एवम अनुभवजन्य तरीके से साहित्येतिहास लिखने वाले सर्वप्रथम व्यक्तियों में से थे| इन्होने ईस्वी 1928-29 में हिन्दी साहित्य का इतिहास का प्रकाशन करवाया था जो हिन्दी साहित्य इतिहास क्षेत्र में एक मूलभूत स्तंभ मानी जाती है। साहित्येतिहास के अतिरिक्त ये एक प्रतिष्ठित आलोचक एवम निबंधकार भी थे।

समीक्षा
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  • author
    पूनम रानी
    21 जनवरी 2020
    निःशब्द हूँ मै
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    01 जनवरी 2019
    अद्भुत रचना , अब मेरी क्या बिसात जो शुक्ल जी की रचना की समीक्षा करूँ।
  • author
    29 अप्रैल 2021
    कुछ मत कहो कि यह शुक्ल जी है , 👍👍👍
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    पूनम रानी
    21 जनवरी 2020
    निःशब्द हूँ मै
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    01 जनवरी 2019
    अद्भुत रचना , अब मेरी क्या बिसात जो शुक्ल जी की रचना की समीक्षा करूँ।
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    29 अप्रैल 2021
    कुछ मत कहो कि यह शुक्ल जी है , 👍👍👍