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घर पर कविता

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घर घर होता है ... यहा ही अपनों का साथ व प्यार होता है ... घर की नीव माँ है ... माँ ही घर को घर बनाती है ... घर पर कोई भी हो या आये ... माँ ही उसे प्यार व व्यवहार से सजाती है ... माँ की एक ही खूबी है ...

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लेखक के बारे में
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Hemlata Dewangan

आज एक कोशिश है ... की कल मै भी एक लेखक के रूप मे अपनी पहचान बना पाऊँ .....!!

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Singhh Pams "Singhh Pams"
    29 जुलाई 2024
    बहुत ही सुन्दर भावनाओं को दर्शाती हुई रचना है आपकी ऐसे ही लिखते रहिए और पढ़ते रहिए 🍂🪻🪻🏵️🪷🪷🌻🌻🙏🙏🙏🙏💯💯🙏💐💐💯💯🙏
  • author
    29 जुलाई 2024
    उम्दा भावाभिव्यक्ति आपकी❤❤👍👍👍
  • author
    vimla y jain
    29 जुलाई 2024
    very nice
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    Singhh Pams "Singhh Pams"
    29 जुलाई 2024
    बहुत ही सुन्दर भावनाओं को दर्शाती हुई रचना है आपकी ऐसे ही लिखते रहिए और पढ़ते रहिए 🍂🪻🪻🏵️🪷🪷🌻🌻🙏🙏🙏🙏💯💯🙏💐💐💯💯🙏
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    29 जुलाई 2024
    उम्दा भावाभिव्यक्ति आपकी❤❤👍👍👍
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    vimla y jain
    29 जुलाई 2024
    very nice