pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

गांधीनामा

3.7
276

इन्‍क़िलाब आया, नई दुन्‍या[1], नया हंगामा है शाहनामा हो चुका, अब दौरे गांधीनामा है। दीद के क़ाबिल अब उस उल्‍लू का फ़ख्रो नाज़ है जिस से मग़रिब[2] ने कहा तू ऑनरेरी बाज़ है। है क्षत्री भी चुप न पट्टा न...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में

मूल नाम : अकबर हुस्सैन रिज़वी उपनाम : अकबर अलाहाबादी जन्म : 16 नवंबर 1846 देहावसान: 15 फरवरी 1921 भाषा : उर्दू विधाएँ : ग़ज़ल, शायरी अकबर अलाहाबादी उर्दू व्यंग्य के अग्रणी रचनाकारों में से एक हैं, इनके काफी शेरों एवम ग़ज़लों में सामाजिक दर्द को सरल भाषा में हास्यपूर्क ढंग से उकेरा गया है। "हंगामा है क्यूं बरपा" इनकी मशहूर ग़ज़लों में से एक है

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Mohammad Modassir
    06 फ़रवरी 2019
    awesome
  • author
    Zeeshan Ahmad Khan "Shanu"
    08 जून 2022
    बहुत उम्दा लाजवाब अश'आराें का मजमुआ.....
  • author
    26 दिसम्बर 2020
    अत्यंत सुंदर, अद्भुत रचना
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Mohammad Modassir
    06 फ़रवरी 2019
    awesome
  • author
    Zeeshan Ahmad Khan "Shanu"
    08 जून 2022
    बहुत उम्दा लाजवाब अश'आराें का मजमुआ.....
  • author
    26 दिसम्बर 2020
    अत्यंत सुंदर, अद्भुत रचना