pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

ग़म्ज़ा नहीं होता के

4.1
1646

ग़म्ज़ा नहीं होता के इशारा नहीं होता आँख उन से जो मिलती है तो क्या क्या नहीं होता जलवा न हो मानी का तो सूरत का असर क्या बुलबुल गुल-ए-तस्वीर का शैदा नहीं होता अल्लाह बचाए मरज़-ए-इश्क़ से दिल को सुनते ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में

मूल नाम : अकबर हुस्सैन रिज़वी उपनाम : अकबर अलाहाबादी जन्म : 16 नवंबर 1846 देहावसान: 15 फरवरी 1921 भाषा : उर्दू विधाएँ : ग़ज़ल, शायरी अकबर अलाहाबादी उर्दू व्यंग्य के अग्रणी रचनाकारों में से एक हैं, इनके काफी शेरों एवम ग़ज़लों में सामाजिक दर्द को सरल भाषा में हास्यपूर्क ढंग से उकेरा गया है। "हंगामा है क्यूं बरपा" इनकी मशहूर ग़ज़लों में से एक है

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Pratima Yadav
    01 अक्टूबर 2018
    bahot khub :-)
  • author
    Payal Bucha
    07 अप्रैल 2020
    wah
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Pratima Yadav
    01 अक्टूबर 2018
    bahot khub :-)
  • author
    Payal Bucha
    07 अप्रैल 2020
    wah