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गैर भारत

4.1
1807

चित्र . दिखाते हुए उस सैनिक ने कहा ," सर , यहाँ इतनी गरीबी है कहा नहीं जा सकता | यह के लोगो के पास पहनने को कपडे नहीं है | इन लोगो ने १०० का नोट आज तक देखा नहीं है | ये लोग कोई सामन लेते है है तो ...

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लेखक के बारे में

न मैं कवि हूँ और न कोई शब्दों का खिलाडी. मुझे अपनी भावनाओ को व्यक्त करने के लिए चंद शब्दों की जरुरत पड़ती हैं और मेरे शब्दकोष का अल्पज्ञान कभी मुझे कोसता भी हैं मगर मैं जैसे तैसे शब्दों को पिरो कर अपनी तरफ से अपने उदगार व्यक्त करता हूँ। कभी वो कविता की शक्ल अख्तियार कर लेती हैं तो कभी वो शब्दों का ताना बाना. कभी कुछ लोग पढ़ लेते हैं और कभी कुछ लोग देख कर बकवास करार दे देते हैं......!! मगर मैं भी जिद्दी हूँ भावनाओ के उफान में बहकर फिर कुछ न कुछ लिख ही लेता हूँ बिना इस बात की परवाह किये की ये सिर्फ मेरे तक ही सीमित रह जाएँगी या कुछ लोगो को पसंद आएँगी., वास्तव में, मेरा सफ़र हैं इस खूबसूरत ज़िन्दगी का -जो भगवान ने हमें दी हैं....!!!

समीक्षा
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  • author
    S Murmu
    14 जून 2022
    इन गैर भारत वाले जो इलाके हैं इनको विकास कर मुख्य धारा में लाया जाए तब इन नक्सली संगठन को धीरे धीरे सहयोग मिलना बंद हो जायेगा ।सरकार के प्रति या प्रशासन के प्रति उन गांव वालों में विश्वास जगाया जाए तब ही ये संभव है की ये गैर भारत ,भारत में शामिल हो जाए ।
  • author
    Rohit Prajapati
    19 अगस्त 2020
    बहुत ही शानदार और बहुत ही लाजवाब समाज के एक ऐसे पहलू के बारे में पढ़ने को मिला जो कि नहीं दिखाया जाता है और ना ही कभी बताया जाता है इस पर जरूर सरकार को ध्यान देना चाहिए और हम आम जनता को भी इनके लिए कुछ करना चाहिए बहुत बढ़िया और बहुत ही शानदार लेख था
  • author
    अजय कुमार शर्मा
    18 सितम्बर 2018
    एक लेखक होने का बहुत खूब भूमिका निभाया आपने। अपने कलम का ऐसे ही इस्तेमाल करते रहें।शुभकामनाएं। मेरी रचना "वेश्या:मेरी प्रेरणा" एक बार जरूर पढ़ें और समीक्षा भी अवश्य करें।
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    S Murmu
    14 जून 2022
    इन गैर भारत वाले जो इलाके हैं इनको विकास कर मुख्य धारा में लाया जाए तब इन नक्सली संगठन को धीरे धीरे सहयोग मिलना बंद हो जायेगा ।सरकार के प्रति या प्रशासन के प्रति उन गांव वालों में विश्वास जगाया जाए तब ही ये संभव है की ये गैर भारत ,भारत में शामिल हो जाए ।
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    Rohit Prajapati
    19 अगस्त 2020
    बहुत ही शानदार और बहुत ही लाजवाब समाज के एक ऐसे पहलू के बारे में पढ़ने को मिला जो कि नहीं दिखाया जाता है और ना ही कभी बताया जाता है इस पर जरूर सरकार को ध्यान देना चाहिए और हम आम जनता को भी इनके लिए कुछ करना चाहिए बहुत बढ़िया और बहुत ही शानदार लेख था
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    अजय कुमार शर्मा
    18 सितम्बर 2018
    एक लेखक होने का बहुत खूब भूमिका निभाया आपने। अपने कलम का ऐसे ही इस्तेमाल करते रहें।शुभकामनाएं। मेरी रचना "वेश्या:मेरी प्रेरणा" एक बार जरूर पढ़ें और समीक्षा भी अवश्य करें।