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गधे की सवारी

4.4
1997

हास्य लघुकथा

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लेखक के बारे में
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अचलेश

मैं एक खास सोच का आम इंसान हूँ ।समाज की विडम्बनाओं से मन खट्टा होता है तो भावनाओं को कागज पर उतार देता हूँ ।स्वतंत्रता और कर्तव्य आदर्श हैं जो हमारे अधिकारों के आधार हैं। मैं चाहता हूँ कि समाज में एक स्वस्थ विमर्श को स्थान मिले जिसके लिए मैं लेखन के माध्यम से प्रयत्नशील हूँ। शिक्षा-एम ए आर्कियोलॉजी। मैं एक लाॅ प्रोफेशनल हूं। कला मुझे आकर्षित करती है जो हर इंसान में स्वाभाविक है। प्रकृति और उसके सर्जन से बेहद लगाव है।

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    23 अक्टूबर 2020
    2020 तो पुरा गर्मी की छुट्टियाँ में बीता 🙁🙁
  • author
    Sunil Shukla
    14 जनवरी 2019
    बहुत सुंदर बहुत खूब लिखा है आपने, पढ़ कर मज़ा आया।
  • author
    . .
    27 अक्टूबर 2020
    Bahut hi pyara laga padhkar ...bachpan m garmi k jo avkash milta tha vo bat ab kaha ...vo sukun vo sararte vo sb kuch yad a gaya...tab n mobile tha n itna kuch khelne k liye.....fir bhi vo sb bahut pyara tha ....
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    23 अक्टूबर 2020
    2020 तो पुरा गर्मी की छुट्टियाँ में बीता 🙁🙁
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    Sunil Shukla
    14 जनवरी 2019
    बहुत सुंदर बहुत खूब लिखा है आपने, पढ़ कर मज़ा आया।
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    . .
    27 अक्टूबर 2020
    Bahut hi pyara laga padhkar ...bachpan m garmi k jo avkash milta tha vo bat ab kaha ...vo sukun vo sararte vo sb kuch yad a gaya...tab n mobile tha n itna kuch khelne k liye.....fir bhi vo sb bahut pyara tha ....