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गदराया यौवन... बावरा हुआ मन...

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सजनी का निरख गदराया यौवन...! और बावरा हुआ साजन का मन...!! आया कैसा गदराया सा मौसम री सखी ; फिर फूलने लगी कैसी पीली पीली सरसों !        फिर से कैसे पियराये हैं खेत री सखी ;        जिसके लिए हम तरस ...

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लेखक के बारे में
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~VanyA Vaidehi Vani~

मेरी नई कलम को आप सबका प्यार, प्रोत्साहन और मार्गदर्शन की आवश्यकता है। मुझ जैसी नवोदित लेखिका को आप सबका सहयोग ही एक सशक्त पहचान दिला सकता है। ~VanyA~

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Satya Reddy
    19 दिसम्बर 2023
    Interesting
  • author
    Arunima Banerjee
    19 दिसम्बर 2023
    बेहतरीन लेखन
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  • author
    Satya Reddy
    19 दिसम्बर 2023
    Interesting
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    Arunima Banerjee
    19 दिसम्बर 2023
    बेहतरीन लेखन