<p style="text-align: justify;">ग्रामीण परिवेश से हूँ। एम ए , बी एड करने के साथ ही शिक्षिका रही। नया सीखने की चाह सदैव बनी रही।मुख्यतः बुनाई , सिलाई ,कढ़ाई , बागवानी के साथ रसोई में नित नवीन प्रयोग भाता रहा।पिता से मिलती प्रोत्साहन स्वरुप प्रशंसा ने ऊर्जा को बनाये रखा। पिछले कुछ कुछ वर्षों से कॉर्पोरेट जगत से जुड़ी जहाँ खुद के लिए समय का अत्यन्त अभाव रहा किन्तु अपनी हॉबी के लिए वक़्त निकाल ही लेती थी।फेसबुक जैसा मंच पा कर ग्रुप बना कर या सार्वजानिक पटल पर मन में छुपी अनकही बातें लिखने लगी। जिओ और जीने दो पर विश्वास है। सोशल नहीं हूँ और बेवज़ह बतकही से दूरी बनाये रखती हूँ। मूलतः एक बहुत ही साधारण स्त्री हूँ किन्तु न तो अन्याय करती हूँ , न सहती हूँ और न दूसरे के प्रति हो रहे अन्याय को बर्दाश्त कर पाती हूँ।</p>
रिपोर्ट की समस्या