pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

फिर उठ, निरंतर चल चला चल

5
142

रुके बिन, चल चला चल, रुक मत, झुक मत फिर उठ,निरंतर चल चला चल || क्यों कहता तू जीवन निष्फल ?, क्या जरूरत आन पड़ी तूझे ?, क्या नही मिला तूझे जीवन से ?, सोच, फिर उठ, निरंतर चल चला चल ||१|| साथ ...

अभी पढ़ें

Hurray!
Pratilipi has launched iOS App

Become the first few to get the App.

Download App
ios
लेखक के बारे में

मैं विजय कुमार शर्मा 'विजय', और यह मेरा लेखकीय संसार है जहाँ मैं अपने विचारों, अनुभवों और कल्पनाओं को शब्दों के माध्यम से व्यक्त करता हूँ। लेखन मेरे लिए न केवल एक अभिव्यक्ति का साधन है, बल्कि यह आत्म-साक्षात्कार और समाज से संवाद का माध्यम भी है। जीवन के विभिन्न पहलुओं—चाहे वह समाज हो, संस्कृति, राजनीति, या फिर व्यक्तिगत अनुभव—पर मेरी लेखनी आपको विचार करने और नए दृष्टिकोणों से अवगत कराने का प्रयास करेगी। मेरा लेखन अक्सर मानव मन की गहराइयों में जाकर विचारों की परतों को खोलने का प्रयास करता है, ताकि पाठकों को उनके जीवन के सवालों का उत्तर मिल सके। प्रतिलिपि पर मेरे इस लेखकीय सफर का उद्देश्य सिर्फ कहानियाँ सुनाना नहीं है, बल्कि उन कहानियों के माध्यम से समाज, जीवन और व्यक्ति की जटिलताओं को उजागर करना भी है। हर रचना मेरे विचारों का प्रतिबिंब है, जो आपको सोचने और महसूस करने पर मजबूर करेगा। मुझे उम्मीद है कि मेरे लेखन के माध्यम से आप मेरे विचारों और अनुभवों के इस अनूठे सफर का हिस्सा बनेंगे। आपका साथ और आपकी प्रतिक्रियाएँ मेरे लेखन को और अधिक समृद्ध और प्रेरणादायी बनाने में सहायक होंगी।

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Asha Shukla ""Asha""
    04 ఆగస్టు 2019
    अत्यंत उत्कृष्ट रचना👌👌💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
  • author
    deepali nigam
    28 జులై 2019
    सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला..और सुमित्रा नंदन पंत की याद दिसाती आपकी खूबसूरत और बेमिसाल रचना
  • author
    Arpita Tripathi "तनु"
    24 జులై 2019
    अद्भुत रचना कई ऐसी बातों का ज्ञान कराया आपने जो विस्मृत हो चुकी थी आभारी हूँ आपकी👌👌👌
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Asha Shukla ""Asha""
    04 ఆగస్టు 2019
    अत्यंत उत्कृष्ट रचना👌👌💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
  • author
    deepali nigam
    28 జులై 2019
    सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला..और सुमित्रा नंदन पंत की याद दिसाती आपकी खूबसूरत और बेमिसाल रचना
  • author
    Arpita Tripathi "तनु"
    24 జులై 2019
    अद्भुत रचना कई ऐसी बातों का ज्ञान कराया आपने जो विस्मृत हो चुकी थी आभारी हूँ आपकी👌👌👌