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फिर जन्म लेंगे हम (पुनर्जन्म की कहानी)

4.4
31658

नीरजा आज मंदिर जाते हुए रास्ते में मिल गई थी। पूर्णमासी थी आज। पूर्णमासी का व्रत वह उसी समय से रखती आ रही है, जब मेरे मित्र हितेश से नीरजा का विवाह भी नहीं हुआ था और तब नीरजा मेरे साथ ही पढ़ती ...

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लेखक के बारे में
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सुनील आकाश

मेरा मोबाइल नम्बर है : 8899144803. मैं हिंदी लेखक हूँ । असली नाम है -- सुनील रस्तोगी (पुत्र स्व.राजेन्द्र प्रसाद रस्तोगी)। पिछले 40 वर्षों से लेखन में हूँ। अब भी यह सफर जारी है। उपन्यास, कहानी, गीत, ग़ज़ल, कविताएँ व अखबारों के लिये संपादकीय लेख लिखता रहा हूँ। 'प्रतिलिपि' पर मेरे 30 उपन्यास प्रकाशित हैं। इनमें से 5 उपन्यास प्रिंटेड बुक्स के रूप में भी आ चुके हैं। शेष सब 'प्रतिलिपि' पर ऑनलाइन प्रकाशित हैं। 'देखा प्यार तुम्हारा', 'तुम बिन', 'नज़राना', 'मेरी लाश कहाँ गई' के बाद अब 'सोलमेट' उपन्यास प्रकाशित हो रहा है। "प्रतिलिपि" पर आने से पहले भी, मेरे सैकड़ों कहानियाँ, गीत, ग़ज़ल व अन्य लेखादि देश के चिर-परिचित अखबार या पत्रिकाओं में दशकों से छपते रहे हैं; जैसे---पंजाब केसरी, विश्व मानव, सानुबँध, जाह्नवी, धर्मयुग, कथालोक, कथाबिम्ब, विश्व ज्योति, दर्पण, जग़मग दीप ज्योति, सुपर ब्लेज आदि। शिक्षा :'पी.जी.डी.--जर्नलिज्म', बी.ए. (हिंदी), 'कहानी लेखन' में डिप्लोमा। आयुर्वेद से 'चिकित्सा स्नातक' की डिग्री भी। व्यवसाय : शैक्षिक पुस्तकों के "गोयल ब्रदर्स प्रकाशन, नोएडा" के सम्पादकीय विभाग के 'हिंदी प्रभाग' में थे। (अब रिटायर्ड) पुरस्कृत-सम्मानित रचनाएँ : टेलीग्राम (कहानी, प्रथम पुरस्कार), बदलते रिश्ते (उपन्यास, द्वितीय पुरस्कार), शेषनाग, जलती हुई तीलियाँ, अंधेरी गुफ़ा, रेगिस्तान आदि (तृतीय पुरस्कार प्राप्त) कहानियां हैं। सम्मान : प्रेमचंद लेखक पुरस्कार, 'साहित्य श्री' अवार्ड, प्रतिलिपि कहानी सम्मान आदि। निवास : सी-26, रेलवे रोड, मॊदीनगर-201204 (उ.प्र.)

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    Om Parkash
    09 ಅಕ್ಟೋಬರ್ 2020
    kiunki kuchh asambhav sa hai... haa eak shayad kannad Movie dekhi hai... jisme Mahila ke eak beti bhi hai... aur ladake upper kisi. dusri ladki ke saath police case.. chalata aur ponerjanam. wale pati se bhi baccha dikhaya.. mujhe kannad nahin aati.. us movie se ye jaroor pata chala vahan Vidhwa mahila Lal clothes pahanati hai... jo uttar Bharat me Dulhan pahanti hai.. !!!
  • author
    Lalita Rana
    03 ಅಕ್ಟೋಬರ್ 2020
    decide krna muskil h k kiska pyar zyda schcha tha ek ka pyar mar k bhi wapis aa gya aur ek ne dobara apna pyar kho diya bht hi sunder rachna
  • author
    Poonam Sharma
    30 ಜೂನ್ 2020
    kya likh diya bahut achcha . prntu ant thoda achcha ni lga mujhe.ye meri vyaktigat raay h.
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    Om Parkash
    09 ಅಕ್ಟೋಬರ್ 2020
    kiunki kuchh asambhav sa hai... haa eak shayad kannad Movie dekhi hai... jisme Mahila ke eak beti bhi hai... aur ladake upper kisi. dusri ladki ke saath police case.. chalata aur ponerjanam. wale pati se bhi baccha dikhaya.. mujhe kannad nahin aati.. us movie se ye jaroor pata chala vahan Vidhwa mahila Lal clothes pahanati hai... jo uttar Bharat me Dulhan pahanti hai.. !!!
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    Lalita Rana
    03 ಅಕ್ಟೋಬರ್ 2020
    decide krna muskil h k kiska pyar zyda schcha tha ek ka pyar mar k bhi wapis aa gya aur ek ne dobara apna pyar kho diya bht hi sunder rachna
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    Poonam Sharma
    30 ಜೂನ್ 2020
    kya likh diya bahut achcha . prntu ant thoda achcha ni lga mujhe.ye meri vyaktigat raay h.