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एकांत

4.4
778

कुछ तो नाता है सूनेपन और सहम का में दोनों की कुछ नहीं लगती पर ओ आ के हाथ पकड़ ही लेता है पता नहीं मुझे शांत करने की बेचैन पर ओ आता है मुझे सब से दूर करने इस समझदारो के नियम से दूर करने अपने आप से ...

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डॉली दुबे
समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    🌷Srishti Shakya ✍••••
    17 अक्टूबर 2022
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति है 👌👌👌👌
  • author
    Naveen Pawar
    22 जनवरी 2022
    आदरणीया महोदया जी आपकी कवितावली बहुत खुबसुरत होती है उपयुक्तता लफ्ज दिल की गहराई मे अमिट छाप छोड जाते है
  • author
    Manjit Singh
    18 अप्रैल 2022
    सूनेपन में संत_जन प्रसन्न होते है ,संसारी लोग सहम जाते है
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    🌷Srishti Shakya ✍••••
    17 अक्टूबर 2022
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति है 👌👌👌👌
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    Naveen Pawar
    22 जनवरी 2022
    आदरणीया महोदया जी आपकी कवितावली बहुत खुबसुरत होती है उपयुक्तता लफ्ज दिल की गहराई मे अमिट छाप छोड जाते है
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    Manjit Singh
    18 अप्रैल 2022
    सूनेपन में संत_जन प्रसन्न होते है ,संसारी लोग सहम जाते है