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एक स्त्री अवतार लेती है …

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औरतों को नहीं है ज़रूरत कि कोई उनके लिए उपवास करे उनके दीर्घायु होने की कामना करे .... उसे दुर्गा बनाते हुए देवताओं ने उसे अपनी विशेष शक्ति अर्पित कर दी थी ! रावण द्वारा खींची जाती सीता बस प्रतीक है ...

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लेखक के बारे में
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रश्मि प्रभा

एक नाम से बढ़कर जीवन अनुभव होता है. एक ही नाम तो कितनों के होते हैं, नाम की सार्थकता सकारात्मक जीवन के मनोबल से होती है, हवाओं का रूख जो बदले सार्थक परिणाम के लिए, असली परिचय वही होता है ... पर मांगते हैं सब सांसारिक परिचय, तो यह है एक छोटा सा परिचय मेरा आपके बीच - जन्म तिथि - 13 फरवरी , 1958 जन्म स्थान - सीतामढ़ी शिक्षा- स्नातक (इतिहास प्रतिष्ठा) भाषाज्ञान-हिंदी,अंग्रेजी पारिवारिक परिचय माँ - श्रीमती सरस्वती प्रसाद (कवि पन्त की मानस पुत्री) पिता - स्वर्गीय रामचंद्र प्रसाद प्रकाशित कृतियाँ काव्य-संग्रह: शब्दों का रिश्ता (2010), अनुत्तरित (2011), महाभिनिष्क्रमण से निर्वाण तक (2012), खुद की तलाश (2012) चैतन्य (2013)मेरा आत्मचिंतन (2012), एक पल (2012) ... संपादन:अनमोल संचयन (2010), अनुगूँज (2011), परिक्रमा (2011), एक साँस मेरी (2012), खामोश, खामोशी और हम (2012), बालार्क (2013), एक थी तरु (2014) वटवृक्ष (साहित्यिक त्रैमासिक एवं दैनिक वेब पत्रिका)-2011 से 2012 सम्मान: परिकल्पना ब्लॉगोत्सव द्वारा वर्ष 2010 की सर्वश्रेष्ठ कवयित्री का सम्मान। पत्रिका ‘द संडे इंडियन’ द्वारा तैयार हिंदी की 111 लेखिकाओं की सूची में नाम शामिल। परिकल्पना ब्लॉगर दशक सम्मान - 2003-2012 शमशेर जन्मशती काव्य-सम्मान - 2011 अंतर्राष्ट्रीय हिंदी कविता प्रतियोगिता 2013 भौगोलिक क्षेत्र 5 भारत - प्रथम स्थान प्राप्त भोजपुरी फीचर फिल्म साई मोरे बाबा की कहानीकार, गीतकार ई-मेल [email protected] http://lifeteacheseverything.blogspot.in/ संपर्क - 9579122103

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Neelima Sharma Nivia "निविया"
    13 अक्टूबर 2015
    आसान नही हैं   स्त्री का स्त्री हो जाना  .......दिल के करीब  लगी कविता 
  • author
    ALAKA KUMARI
    06 मार्च 2021
    सच में बहुत अच्छी रचना है
  • author
    18 अगस्त 2018
    बिल्कुल सही कहा आपने
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  • author
    Neelima Sharma Nivia "निविया"
    13 अक्टूबर 2015
    आसान नही हैं   स्त्री का स्त्री हो जाना  .......दिल के करीब  लगी कविता 
  • author
    ALAKA KUMARI
    06 मार्च 2021
    सच में बहुत अच्छी रचना है
  • author
    18 अगस्त 2018
    बिल्कुल सही कहा आपने