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एक प्रेम ऐसाभी

3.4
2097

वो आज भी उस दिन को कोसती है जिस दिन रवि ने पहली बार उससे अपने प्रेम का इज़हार किया था | दिन तो याद नहीं पर वो दिन बहुत ख़ूबसूरत था ,हवाएं अपनी धुन मे बह रही थी ,सूरज की किरणें मेरे केशों से होकर उसके ...

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लेखक के बारे में
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नेहा कर्ण
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Shekhar Bhardwaj
    08 மார்ச் 2018
    kya pya khatm ho gya
  • author
    Amrita Baghwar
    25 ஆகஸ்ட் 2021
    ओह रे प्यार 🧐🧐🤦🧐🧐80% युवाओं का कैरियर बरबाद कर रखा है 😏😏 पर क्या करें ये समय ही ऐसा है कि 😍😍 बर्बादी ही अच्छी लगती है 😂😂😜😂😂 Nice only starting love 😘😘 बाद में क्या हुआ भगवान जाने 😂😂😂😂😂 👌👌👌
  • author
    मौमिता बागची
    09 ஜூலை 2019
    बस इतना सा?कुछ अधूरी सी है।
  • author
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Shekhar Bhardwaj
    08 மார்ச் 2018
    kya pya khatm ho gya
  • author
    Amrita Baghwar
    25 ஆகஸ்ட் 2021
    ओह रे प्यार 🧐🧐🤦🧐🧐80% युवाओं का कैरियर बरबाद कर रखा है 😏😏 पर क्या करें ये समय ही ऐसा है कि 😍😍 बर्बादी ही अच्छी लगती है 😂😂😜😂😂 Nice only starting love 😘😘 बाद में क्या हुआ भगवान जाने 😂😂😂😂😂 👌👌👌
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    मौमिता बागची
    09 ஜூலை 2019
    बस इतना सा?कुछ अधूरी सी है।