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एक पहचान

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हर व्यक्ति को अपने लिए जीना चाहिए पर भारतीय नारी सिर्फ अपने परिवार के लिए ही जीती है,इस सब में वो भूल जाती है की उसकी खुद की भी कोई पहचान है,ये कहानी अपनी पहचान को तलाश करती एक औरत की है.

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लेखक के बारे में
author
ऋचा तिवारी

परिचय: Education :BCA and MBA ,achieved best teacher award from "human resource development government of India",achieved various certificates for my hard work.लेखक की कलम ही उसका हथियार है,इसी हथियार को ले कर समाज में हो रही बुराइयों के विपक्ष खड़ी हूँ,मेरी हर एक रचना किसी सत्य घटना से ही प्रेरित रहती है कोशिश करती हूँ समाज की कुछ बुराईयां और कुछ अच्छाईयां आप के सामने प्रस्तुत करूँ,अगर मेरी सोच आप को अच्छी लगती हो या उसमे कुछ कमी दिखे तो निसंकोच आप अपने विचार मुझ तक पहुँचाये.आप [email protected] पर ईमेल भी कर सकते है या मुझे फेसबुक पर massage भी कर सकते है.मैं एक समाजसेवक हूँ और सब की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहती हूँ । more about me @https://richatiwarinarayani.blogspot.in/

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Aparna Gupta
    15 सप्टेंबर 2018
    संघर्ष तो प्रत्येक व्यक्ति के जीवन मे आते है परंतु अपनी पहचान बनाना और हर समस्या को समझते हुए उसका निवारण करना ही जीवन है...
  • author
    shalini rai
    19 मार्च 2018
    mam your writing style is too good , n that,s also very true ............ ki hme khud ko prove Krna hi pdta h chahe ho ldka ho ya fhir ldki
  • author
    Shaily Shaily
    28 मे 2018
    ऐसा क्यों सिर्फ पैसा कमाने पर ही प्यार औऱ सम्मान मिला घर की duties पर क्यो नही वैसे सच्चाई को उजागर करती कहानी
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    Aparna Gupta
    15 सप्टेंबर 2018
    संघर्ष तो प्रत्येक व्यक्ति के जीवन मे आते है परंतु अपनी पहचान बनाना और हर समस्या को समझते हुए उसका निवारण करना ही जीवन है...
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    shalini rai
    19 मार्च 2018
    mam your writing style is too good , n that,s also very true ............ ki hme khud ko prove Krna hi pdta h chahe ho ldka ho ya fhir ldki
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    Shaily Shaily
    28 मे 2018
    ऐसा क्यों सिर्फ पैसा कमाने पर ही प्यार औऱ सम्मान मिला घर की duties पर क्यो नही वैसे सच्चाई को उजागर करती कहानी