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एक पत्र : माँ के नाम

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प्रिय माँ, आप कैसे हैं? मेरा मतलब है कि क्या आप वहां खुश हैं? आप मेरे साथ ईमानदार हो सकते हैं, आप जानते हैं। यदि आप कहते हैं कि आप खुश हैं तो मुझे बुरा नहीं लगेगा। ठीक है, शायद थोड़ा, बस थोड़ा ...

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लेखक के बारे में
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AnjaNa GoMasta

एक छोटी सी कहावत में अक्सर जिंदगी का बहुत ज्ञान होता है।

समीक्षा
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  • author
    aparna
    14 मई 2023
    क्या लिखूं.... एक बेटी ने अपना दिल निकाल कर रख दिया है इस पत्र में अपनी माँ के लिए.. एक माँ और बेटी का रिश्ता अनोखा ही होता है... आपकी लिखी हर एक बात को उसी तरह से महसूस कर पा रहीं हूँ जैसे अपने लिखा है.. माँ को महसूस करने के लिए उनके बिस्तर पर सोना, उनका नंबर मोबाइल पर रखा, वॉलपेपर पर फोटो... ऐसा लगता है जाने वाला तो चला जाता है लेकिन जो रह जाते हैं उनके पास बस यहीं कुछ चीज़े तो बच जाती हैं.. बेजड़ भावुक पत्र था, पढ़ते समय पूरा वक्त पलकें भीगी रहीं... आंटी जहाँ भी है वहाँ से अपनी प्यारी सी लाड़ो बिटिया को देख रहीं हैं और भर भर कर आशीर्वाद बरसा रहीं हैं...
  • author
    Suman thakur
    14 मई 2023
    निःशब्द हूं कुछ भी लिखने के लिए बस इतना ही कहूंगी आपका मां के प्रति प्रेम अनमोल और अमर है आंखों में आंसू आ गए आपका पत्र पढ़ कर हमेशा खुश रहो अंजना 🙏🙏🙏🙏
  • author
    Vardan Jindal "सुगत"
    14 मई 2023
    बेहद भावपूर्ण पत्र! आँखें भीग गई मेरी इसे पढ़ते पढ़ते, और कुछ भी कह पाने में असमर्थ हूं।
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    aparna
    14 मई 2023
    क्या लिखूं.... एक बेटी ने अपना दिल निकाल कर रख दिया है इस पत्र में अपनी माँ के लिए.. एक माँ और बेटी का रिश्ता अनोखा ही होता है... आपकी लिखी हर एक बात को उसी तरह से महसूस कर पा रहीं हूँ जैसे अपने लिखा है.. माँ को महसूस करने के लिए उनके बिस्तर पर सोना, उनका नंबर मोबाइल पर रखा, वॉलपेपर पर फोटो... ऐसा लगता है जाने वाला तो चला जाता है लेकिन जो रह जाते हैं उनके पास बस यहीं कुछ चीज़े तो बच जाती हैं.. बेजड़ भावुक पत्र था, पढ़ते समय पूरा वक्त पलकें भीगी रहीं... आंटी जहाँ भी है वहाँ से अपनी प्यारी सी लाड़ो बिटिया को देख रहीं हैं और भर भर कर आशीर्वाद बरसा रहीं हैं...
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    Suman thakur
    14 मई 2023
    निःशब्द हूं कुछ भी लिखने के लिए बस इतना ही कहूंगी आपका मां के प्रति प्रेम अनमोल और अमर है आंखों में आंसू आ गए आपका पत्र पढ़ कर हमेशा खुश रहो अंजना 🙏🙏🙏🙏
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    Vardan Jindal "सुगत"
    14 मई 2023
    बेहद भावपूर्ण पत्र! आँखें भीग गई मेरी इसे पढ़ते पढ़ते, और कुछ भी कह पाने में असमर्थ हूं।