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एक मुलाक़ात

4.4
22818

मेरी उस उदास और ज़र्द चेहरेवाली औरत से कभी मुलाक़ात नहीं होती, अगर मुझे वातानुकूलित डिब्बे में आरक्षण मिल गया होता. उससे मिलना महज़ एक इत्तेफ़ाक था. हुआ यूँ कि मैं अपने एक सहपाठी के लड़के की शादी ...

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समीक्षा
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  • author
    Ratnakar Bagul
    13 फ़रवरी 2021
    हिंदी साहित्य मैने ज्यादा पढा नहीं है, जितना मैने मराठी साहित्य पढा है। फिर भी कभी कहीं हिंदी साहित्य पढने का मौका मिलता है तो जरूर पढता हूँ। प्रस्तुत कथा मुझे बहुत ही पसंद आई। आशा करता हूँ कि आगे भी इसी तरह कि अच्छे साहित्य पढने का मौका मिलता रहेगा। धन्यवाद।
  • author
    Sangita Dixit
    19 फ़रवरी 2021
    इस कहानी की एक पंक्ति कि हिंदुस्तान की गंदगी और फूहड़पन पर मुझे मतली आती है बहुत ही घटिया लगी मुझे। जो लोग देश के लिए कुछ कर नहीं सकते उन्हें और किसी को भी ऐसा बोलने का कोई अधिकार नहीं
  • author
    Madhu Devendra
    12 फ़रवरी 2021
    unseen bond of two unknown
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    Ratnakar Bagul
    13 फ़रवरी 2021
    हिंदी साहित्य मैने ज्यादा पढा नहीं है, जितना मैने मराठी साहित्य पढा है। फिर भी कभी कहीं हिंदी साहित्य पढने का मौका मिलता है तो जरूर पढता हूँ। प्रस्तुत कथा मुझे बहुत ही पसंद आई। आशा करता हूँ कि आगे भी इसी तरह कि अच्छे साहित्य पढने का मौका मिलता रहेगा। धन्यवाद।
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    Sangita Dixit
    19 फ़रवरी 2021
    इस कहानी की एक पंक्ति कि हिंदुस्तान की गंदगी और फूहड़पन पर मुझे मतली आती है बहुत ही घटिया लगी मुझे। जो लोग देश के लिए कुछ कर नहीं सकते उन्हें और किसी को भी ऐसा बोलने का कोई अधिकार नहीं
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    Madhu Devendra
    12 फ़रवरी 2021
    unseen bond of two unknown