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एक किताब है जिंदगी

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बनते बिगड़ते हालातों का हिसाब है जिंदगी, हर रोज एक नया पन्ना जुड़ता है जिसमें वो ही एक किताब है जिंदगी। हर पल एक नया किस्सा, तैयार रहता है अपना अंत पाने को, ग़मों के दौर में, खुशियों की राह तकते हैं कई...

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लेखक के बारे में

इक अनजान पथिक हूँ

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    07 नवम्बर 2022
    ज़िन्दगी को परिभाषित करती सुन्दर रचना । हार्दिक साधुवाद
  • author
    Apurva Jain
    09 अगस्त 2024
    अच्छी अभिव्यक्ति है
  • author
    Avi Sawale
    08 नवम्बर 2022
    खुपचं छान कविता
  • author
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    07 नवम्बर 2022
    ज़िन्दगी को परिभाषित करती सुन्दर रचना । हार्दिक साधुवाद
  • author
    Apurva Jain
    09 अगस्त 2024
    अच्छी अभिव्यक्ति है
  • author
    Avi Sawale
    08 नवम्बर 2022
    खुपचं छान कविता