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एक औरत की कमी

4.2
809

एक औरत की कमी तब अखरती है। जब वो चली जाती है और लौटती नहीं, छत पर लगे जाले व दीवार की धूल हटाने में संकोच आता है। " तुम्हारी सफाई" कहने का मौका नहीं मिल पाता है l एक औरत की कमी तब अखरती है जब...

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लेखक के बारे में
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सोमेश कुमार

नाम –सोमेश कुमार जन्म तिथि -04/01/1985 व्यवसाय-अध्यापन लेखन क्षेत्र –लघुकथा/बालकथा ,कविता/बालगीत ,कहानी मोबाइल नम्बर -8510003806 निवास –ए-716 /18 ,महावीर एन्क्लेव -2 ,नई दिल्ली -110059 Email-someshraghuvanshi@yahoo.co.in f-book-http://www.facebook.com/someshkumar.raghuvanshi

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Omveer Rathaur "Om rathaur"
    05 ജൂലൈ 2023
    Koi Humse Apna Dur Chala Jata Hai Tabhi Hamen uski kadra hoti hai
  • author
    Manjit Singh
    05 ഡിസംബര്‍ 2020
    बिल्कुल सही,मैंने भी शादी नहीं की और कमी महसूस हो रही है
  • author
    17 ആഗസ്റ്റ്‌ 2018
    बेहतरीन रचना! साधुवाद बंधु!
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Omveer Rathaur "Om rathaur"
    05 ജൂലൈ 2023
    Koi Humse Apna Dur Chala Jata Hai Tabhi Hamen uski kadra hoti hai
  • author
    Manjit Singh
    05 ഡിസംബര്‍ 2020
    बिल्कुल सही,मैंने भी शादी नहीं की और कमी महसूस हो रही है
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    17 ആഗസ്റ്റ്‌ 2018
    बेहतरीन रचना! साधुवाद बंधु!