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ए मेघा

3.5
1417

ए मेघा इतना जमकर बरस कि तङप कर वो भी आ जाये जकङकर भीगू उनके संग इतना कि वापस फिर से न जा पाये ...

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लेखक के बारे में
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एकता सारदा

नाम - एकता सारदा पता - सूरत (गुजरात) सम्प्रति - स्वतंत्र लेखन प्रकाशित सांझा काव्य संग्रह - अपनी-अपनी धरती , अपना-अपना आसमान , अपने-अपने सपने(2014) [email protected]

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Anup Kumar
    11 जुलाई 2020
    वर्षा का मौसम है,आकाश मे काले -काले मेघ छायी है.बारिश की बूंदें हर किसी को अपना दिवाना बना देती है बारिश मे अपने महबूब को भींगते देखना हर किसी को लुभाता है,किसी के चेहरे पर बारिश की बूंदें दिल को पागल कर देती है,और किसी को अपना महबूब की याद दिला देती हैं. ऐसी प्राकृतिक की छटा देखते हैं कर प्रेमिका के मन से यह गीत निकल पड़ती है. " ऐ बारिश जरा थम कर बरस जब मेरा यार आ जाए तो जमकर बरस पहले न बरस की वो आ न सके फिर इतना बरस की वह जा न सके." शेष फिर कभी. अनुप कुमार, वन विभाग, राँची**878 935 9681.
  • author
    परी गुप्ता
    09 मई 2021
    itni ghatiya lekh Ko log itni bar padhiye kaise lete h jbki kuch achi Khanna log dekhte bhi ni
  • author
    Sanjay Sharma
    04 अक्टूबर 2018
    सुंदर👌👌
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    Anup Kumar
    11 जुलाई 2020
    वर्षा का मौसम है,आकाश मे काले -काले मेघ छायी है.बारिश की बूंदें हर किसी को अपना दिवाना बना देती है बारिश मे अपने महबूब को भींगते देखना हर किसी को लुभाता है,किसी के चेहरे पर बारिश की बूंदें दिल को पागल कर देती है,और किसी को अपना महबूब की याद दिला देती हैं. ऐसी प्राकृतिक की छटा देखते हैं कर प्रेमिका के मन से यह गीत निकल पड़ती है. " ऐ बारिश जरा थम कर बरस जब मेरा यार आ जाए तो जमकर बरस पहले न बरस की वो आ न सके फिर इतना बरस की वह जा न सके." शेष फिर कभी. अनुप कुमार, वन विभाग, राँची**878 935 9681.
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    परी गुप्ता
    09 मई 2021
    itni ghatiya lekh Ko log itni bar padhiye kaise lete h jbki kuch achi Khanna log dekhte bhi ni
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    Sanjay Sharma
    04 अक्टूबर 2018
    सुंदर👌👌