pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

द्रोपदी

4.1
779

हाथ पकड़ दुश्शासन मौन सभा में लाया पांडव कुछ भी न बोले माँ का दूध लजाया मेरी करुण वेदना पर किसी को दया न आई सूरज निकला था पर जीवन में भोर न आई सबकुछ पांडव हारे दावों पर मुझे लगाकर दुर्योधन शकुनी...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Sumedha Prakash
    10 अगस्त 2019
    साहसी स्त्री का रूप द्रौपदी
  • author
    Sweta Pant "Seemu"
    26 जुलाई 2022
    Bhut hi achhi rachna 👌👌👌 Can you please read my stories and poems and will be support
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    27 अप्रैल 2020
    सुन्दर अभिव्यक्ति ।
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Sumedha Prakash
    10 अगस्त 2019
    साहसी स्त्री का रूप द्रौपदी
  • author
    Sweta Pant "Seemu"
    26 जुलाई 2022
    Bhut hi achhi rachna 👌👌👌 Can you please read my stories and poems and will be support
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    27 अप्रैल 2020
    सुन्दर अभिव्यक्ति ।