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दूर के ढ़ोल सुहाने लगते है

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आज रूचि का सपना सच हो गया था। इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा पास कर वो मुबंई जाने की तैयारी करने लगी। बचपन से ही उसे महानगर , वहां का रहन - सहन बहुत लुभाता था। आज वहां जाकर रहने और पढ़ाई करने का सपना ...

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लेखक के बारे में

बचपन से ही कहानियां और कविताएं पढने का शौक धीरे- धीरे लिखने का शौक भी बन गया। मुझे कहानियां लिखना बहुत पसंद हैं।मैंने , एम ए (समाज शास्त्र ) और बी०एड० किया हैं। समाज से जुड़े मुद्दे ही मेरे कलम से निकलते हैं, जो महसूस करती हूँ उसे लिख डालती हूँ।

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Shiv Kumar Gupta
    06 दिसम्बर 2022
    Very nice impressive Appreciable and Heart Touching Praiseworthy writing Heartly congratulations on your ideas presented
  • author
    Vinay Sinha
    06 दिसम्बर 2022
    बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति दी है आपने।
  • author
    शुभिका गर्ग
    07 दिसम्बर 2022
    बहुत सुंदर रचना
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  • author
    Shiv Kumar Gupta
    06 दिसम्बर 2022
    Very nice impressive Appreciable and Heart Touching Praiseworthy writing Heartly congratulations on your ideas presented
  • author
    Vinay Sinha
    06 दिसम्बर 2022
    बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति दी है आपने।
  • author
    शुभिका गर्ग
    07 दिसम्बर 2022
    बहुत सुंदर रचना