pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

दिल से दिल का रहा वास्ता इसलिए

3.7
2152

दिल से दिल का रहा वास्ता इसलिए कर दिया शुक्रिया आपका इसलिए मुझसे महबूब मेरा मिला ही नहीं याद का फूल दिल में खिला इसलिए कोई पत्थर पिघल जाए सुनकर इसे अश्क ने आज सब-कुछ कहा इसलिए शर्म आये तो पढ़ ले मेरी ...

अभी पढ़ें

Hurray!
Pratilipi has launched iOS App

Become the first few to get the App.

Download App
ios
लेखक के बारे में
author
रेणु मिश्रा
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    15 ഡിസംബര്‍ 2018
    उम्दा प्रस्तुति ।प्रतिलिपि कथा सम्मान के लिए मेरी कहानियां पढ़कर टिप्पणी दें
  • author
    Jai Sharma
    02 നവംബര്‍ 2023
    राधे राधे रेणु जी वाह वाह क्या खूब कहा आपने जी
  • author
    KP Anmol
    24 ജൂലൈ 2018
    बहुत ख़ूब रेणु जी
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    15 ഡിസംബര്‍ 2018
    उम्दा प्रस्तुति ।प्रतिलिपि कथा सम्मान के लिए मेरी कहानियां पढ़कर टिप्पणी दें
  • author
    Jai Sharma
    02 നവംബര്‍ 2023
    राधे राधे रेणु जी वाह वाह क्या खूब कहा आपने जी
  • author
    KP Anmol
    24 ജൂലൈ 2018
    बहुत ख़ूब रेणु जी