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दिलको तुम्हारी यादसे जो दूर कर दिया

3.8
411

दिलको तुम्हारी यादसे जो दूर कर दिया मजबूर था कभी उसे माझूर कर दिया तेरे सिवा न और किसीको वो देखले आँखोंको इतनी बातपे बेनूर कर दिया वो शाख्स मेरी जातमे शामिल है अब तलक हालात ने जिसे था कभी दूर कर...

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लेखक के बारे में

महेबुब आर सोनालिया एकता सोसायटी कॉलेज रोड सीहोर 364240 जिला भावनगर गुजरात मो. 0-97257-86283

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Jai Sharma
    25 फ़रवरी 2024
    राधे राधे जी बहुत बढ़िया बहुत ख़ूब जी
  • author
    Pankaj Joshi
    27 फ़रवरी 2022
    बहुत खूब शानदार
  • author
    Manjit Singh
    09 सितम्बर 2020
    खूबसूरत काव्य
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    Jai Sharma
    25 फ़रवरी 2024
    राधे राधे जी बहुत बढ़िया बहुत ख़ूब जी
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    Pankaj Joshi
    27 फ़रवरी 2022
    बहुत खूब शानदार
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    Manjit Singh
    09 सितम्बर 2020
    खूबसूरत काव्य