
प्रतिलिपितेज बारिश से बिजली भी गुल हो गई थी,तभी अचानक दरवाजा किसी ने खटखटाया … देखा तो मेरी बचपन की सहेली नीतू थी,सर से पैर तक भीगी हुई, ओ नीतू आ अंदर आ,बहुत भीगी हो,पहले कपड़े देती हूँ, बदल लो… उसकी आँखें लाल थी, चेहरा, बेनूर था, मुझे कुछ ठीक हालात नही लग रहे थे, कब आई खंडवा से? अभी बस से उतर कर तेरे पास ही सीधे आई …ok सुबह से कुछ नही खाया है…कृपा plz कुछ खिला दे….? मैंने उसे खाना दिया…उसने खाना शुरू किया आँखों से आँसू और मुँह में कौर.... …..मुझे बहुत अटपटा लग रहा था उसको पलंग पर आराम करने का कह...
रिपोर्ट की समस्या
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