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धर्म की आड़

4.3
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इस समय, देश में धर्म की धूम है। उत्‍पात किये जाते हैं, तो धर्म और ईमान के नाम पर और जिद की जाती है, तो धर्म और ईमान के नाम पर। रमुआ पासी और बुद्धू मियाँ धर्म और ईमान को जानें, या न जानें, परंतु उसके ...

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लेखक के बारे में

जन्म : 26 अक्टूबर, 1890, अतरसुइया, इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) भाषा : हिंदी विधाएँ : पत्रकारिता, निबंध, कहान मुख्य कृतियाँ गणेशशंकर विद्यार्थी संचयन (संपादक - सुरेश सलिल) संपादन : कर्मयोगी, सरस्वती, अभ्युदय, प्रताप निधन 25 मार्च, 1931 कानपुर

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    P.D. Bairagi
    13 जनवरी 2019
    बहुत उत्तम शिक्षाप्रद एवं सारगर्भित कहानी है।
  • author
    Jompa Dulom
    10 नवम्बर 2016
    रमुआ पासी का अर्थ क्या है???
  • author
    ankesh maharaj
    06 जनवरी 2022
    सच्चा धर्म
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  • author
    P.D. Bairagi
    13 जनवरी 2019
    बहुत उत्तम शिक्षाप्रद एवं सारगर्भित कहानी है।
  • author
    Jompa Dulom
    10 नवम्बर 2016
    रमुआ पासी का अर्थ क्या है???
  • author
    ankesh maharaj
    06 जनवरी 2022
    सच्चा धर्म