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धान रोपती औरतें

4.5
843

धान रोपती औरतें आंचलिक भाषा में गाती हैं जीवन के गीत अबोध शिशु की तरह पुलक उठ्ता खेत का मन उसके हाथ के स्पर्श से बड़े जतन से फटे हाथों से रोपती हैं धान पानी में साथ में रोपती भात ,रोटी, कपड़े और टुटे...

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समीक्षा
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  • author
    LALIT AWJEKAR
    15 अक्टूबर 2015
    waaah....bahut khub....bhavna ji
  • author
    मनोज गुप्ता "#man0707"
    19 मई 2021
    waah bhawna ji waah :) kaash main bhi aap jitna achcha likh paata . fan ban gaya hu aapka. par please aur poem bhi post kijiye . aapki 2 poem ne pyaas jagaa dee hai :)
  • author
    ज्योति खरे
    15 अक्टूबर 2015
    स्त्री की श्रम साधना से ही श्रष्टि जगमगा रही है, स्त्री की जीवटता को व्यक्त करती भावपूर्ण और प्रभावी रचना  बहुत सुंदर  बधाई   
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    LALIT AWJEKAR
    15 अक्टूबर 2015
    waaah....bahut khub....bhavna ji
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    मनोज गुप्ता "#man0707"
    19 मई 2021
    waah bhawna ji waah :) kaash main bhi aap jitna achcha likh paata . fan ban gaya hu aapka. par please aur poem bhi post kijiye . aapki 2 poem ne pyaas jagaa dee hai :)
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    ज्योति खरे
    15 अक्टूबर 2015
    स्त्री की श्रम साधना से ही श्रष्टि जगमगा रही है, स्त्री की जीवटता को व्यक्त करती भावपूर्ण और प्रभावी रचना  बहुत सुंदर  बधाई