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दीवाना

1964
4.1

जिंदगी भर तेरी बांहों में मैं रहूँ. आँखों से प्यार का जाम पीता रहूँ अश्क हो या हँसी, साथ शामिल हो हम साथ ही मैं मरुँ, साथ जीता रहूँ || तेरे ख्वाबों को सारे सजा मैं सकूँ जिंदगी में तेरी भर दूँ सारे...