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डरो मत

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डरो मत, डरो मत, डरो मत ! ग्रह से, नक्षत्र से, निहारिका जल से जलचर , थलचर,  नभचर, से काम से, बेकाम से और महासंग्राम से सांप से , बिच्छू से , और न जाने किस - किस से डरो मत , डरो मत , डरो मत । ...

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डरो मत
विश्वजीत भारतीय "यादव जी"
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लेखक के बारे में

एम. ए. हिंदी विद्यार्थी आर. के. काॅलेज मधुबनी । " किसने कहा कि मजबूरी है अरे जीने के लिए गुलामी जरूरी है " धूमिल

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