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दांत काटे की रोटी

4.0
2077

अपनी बेटी की लाश को देखकर रह रहकर रश्मी बेहोश हुई जा रही थी | सारे रिश्तेदार और दोस्तों की भीड़ जमा थी | यहाँ तक कि नेहा जिससे लड़ाई होती रहती थी, सौतेली बहन जो थी | वह कोने में खड़ी होकर आँसू बहा रही ...

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लेखक के बारे में
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सविता मिश्रा

हमारा नाम ही हमारी पहचान | ....भावों के खजाने से रचनाएँ यूँ ही आती रहेंगी , आप सब बस उन रचनाओं पर प्यार बेशुमार लुटाते रहिए | #सविता मिश्रा #अक्षजा

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Praveen Kumar Shrivastava
    01 मार्च 2019
    सुंदर
  • author
    05 अगस्त 2017
    👍👍👍👍👍
  • author
    Archana Tripathi
    17 दिसम्बर 2019
    जीवन की यथार्थता को दर्शाती कहानी
  • author
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    Praveen Kumar Shrivastava
    01 मार्च 2019
    सुंदर
  • author
    05 अगस्त 2017
    👍👍👍👍👍
  • author
    Archana Tripathi
    17 दिसम्बर 2019
    जीवन की यथार्थता को दर्शाती कहानी