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हिन्दी

छाप तिलक सब छीनी

4.4
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छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके बात अगम कह दीनी रे मोसे नैना मिलाइके प्रेम भटी का मदवा पिलाइके मतवारी कर लीन्ही रे मोसे नैना मिलाइके गोरी गोरी बईयाँ, हरी हरी चूड़ियाँ बईयाँ पकड़ हर लीन्ही रे ...

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लेखक के बारे में
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अमीर ख़ुसरौ

मूल नाम : अबुल हसन यमीनुद्दीन ख़ुसरौ उपनाम : अमीर खुसरो देहलवी, अमीर खुसरो जन्म : 1253 देहावसान: 1325 भाषा : पर्सियन, उर्दू, हिन्दवी, खड़ी बोली विधाएँ : ग़ज़ल, कव्वाली, मसनवी, रुबाई आदि अबुल हसन यमीनुद्दीन ख़ुसरौ जो कि अपने उपनाम अमीर खुसरो देहलवी से विख्यात हैं, खड़ी बोली हिन्दी के सर्व-प्रथम रचनाकारों में से एक हैं, इन्हे कव्वाली का जनक माना जाता है। इन्हे संगीत की तराना एवम खयाल विधाओं का भी जनक माना जाता है, साथ ही इन्हे अक्सर तबला एवम सितार के अविष्कार का भी श्रेय दिया जाता है. अमीर खुसरो ने भारतीय साहित्य, संगीत एवम भाषा के क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इनकी मुकरियाँ, पहेलियाँ और दुसुख़ने भी उतने ही लोकप्रिया हैं जितनी इनकी ग़ज़लें.

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Mandeep kaur
    09 मई 2022
    outstanding👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾
  • author
    नक्षत्रा सिंह
    04 मई 2019
    wahh....pahali bar puri song padhane ko mili
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    20 फ़रवरी 2022
    लाज़वाब बेहतरीन ।
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  • author
    Mandeep kaur
    09 मई 2022
    outstanding👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾
  • author
    नक्षत्रा सिंह
    04 मई 2019
    wahh....pahali bar puri song padhane ko mili
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    20 फ़रवरी 2022
    लाज़वाब बेहतरीन ।