इन अलसाई आँखों ने रात भर जाग कर खरीदे हैं कुछ बंजारा सपने सालों से पोस्टपोन की गई उम्मीदें उफान पर हैं कि पूरे होने का यही वक्त तय हुआ होगा शायद अभी नन्हीं उँगलियों से जरा ढीली ही हुई है इन हाथों ...
anjuvsharma2011@gmail.com
कुल आठ किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। दो जल्दी ही आने वाली हैं। जिनमें दो कविता संग्रह, पाँच कहानी संग्रह, तीन उपन्यास हैं। बहुत सारे पुरस्कारों से सम्मानित, साहित्य के क्षेत्र में करीब पंद्रह वर्ष से खूब सक्रिय नाम।
सारांश
anjuvsharma2011@gmail.com
कुल आठ किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। दो जल्दी ही आने वाली हैं। जिनमें दो कविता संग्रह, पाँच कहानी संग्रह, तीन उपन्यास हैं। बहुत सारे पुरस्कारों से सम्मानित, साहित्य के क्षेत्र में करीब पंद्रह वर्ष से खूब सक्रिय नाम।
waah अंजू जी, क्या बयान किया है आपने उम्र के इस पड़ाव को :)
सोचता हूँ क्यों ना आपकी कविता का पुरुष version लिख दूँ :)
पर फिर जब आपका लेखन स्तर देखता हूँ , तो घबरा गया हूँ :) शायद नहीं कर पाऊँगा :)
रिपोर्ट की समस्या
सुपरफैन
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लगा कि दिल की बाते कितनी सहजता से लिख डाली।तारीफ करना चाहती हूँ पर शब्द नही मिल रहे,बस यही कहूंगी लिखा है आपने दिल का वो फसाना जो कब से दिल कहना चाहता था।
बहुत ही सुंदर लिखा।
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सोचता हूँ क्यों ना आपकी कविता का पुरुष version लिख दूँ :)
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लगा कि दिल की बाते कितनी सहजता से लिख डाली।तारीफ करना चाहती हूँ पर शब्द नही मिल रहे,बस यही कहूंगी लिखा है आपने दिल का वो फसाना जो कब से दिल कहना चाहता था।
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