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चाची

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चाचाजी  सो रहे थे। चाची आवाज  दे रही थी। मगर चाचाजी सो रहे थे। चाय पी लो।मगर चाचाजी काहा सुनने। वाले है। चाची कमरे मे दोड कर आई।  अरे ये कया चाचाजी तो  नीचे गिर गए।   चाची घबराहट मे कुछ का कुछ करने ...

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लेखक के बारे में
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Priyanka shukla
समीक्षा
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  • author
    Chandra Hass Giroti
    07 अप्रैल 2024
    नमस्कार जी । रचना अच्छी है लेकिन इतने पर क्या प्रतिकिर्या करे । जब पूरी कहानी पोस्ट करेंगे तो अवशय आप को धन्यावद कहेंगे।
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    Chandra Hass Giroti
    07 अप्रैल 2024
    नमस्कार जी । रचना अच्छी है लेकिन इतने पर क्या प्रतिकिर्या करे । जब पूरी कहानी पोस्ट करेंगे तो अवशय आप को धन्यावद कहेंगे।