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बुर्का life after life

4.4
3542

आतंकी संगठनो की "बागी" महिलाओ की कहानी जिन्हे केवल बच्चे पैदा करने की मशीन समझा जाता है।

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लेखक के बारे में
author
shobhana tarun saxena

neither born nor die ... being woman मै शोभना तरुण सक्सेना हूँ मेरी जन्मभूमि पटना बिहार है वर्तमान मे लखनऊ उत्तर प्रदेश मे निवासरत है। मैने सूक्ष्मजैविकी विज्ञान मे परास्नातक किया है तथा सात वर्ष तक कुवर आर सी महिला महाविध्यालय मैनपुरी मे अपनी सेवाये व्याख्याता के पद पर प्रदान की है । इस समय मै विधिक साक्षरता अभियान की मुख्य सदस्य के पद पर हूँ और समाजसेवीका के रूप मे जानी जाती हूं । महिला सशक्तीकरण को अपने जीवन मे सर्वोच्च मानती हूँ जहा तक होता है मै महिलाओ को उनके ही अन्तर्मन की महिला से मिलाने का प्रयास करती हूँ मेरी सारी कहानियाँ उन अघोषित शक्तियो की होती है जो किसी परिस्थिति के कारण रोशनी मे ना आ सकी हो धन्यवाद🙏

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    kuldeep singh
    04 मार्च 2019
    i
  • author
    05 मार्च 2019
    माननीया सुश्री शोभना तरूण सक्सेना जी,बधाई और साधुवाद। आपकी सभी कहानियां मैं पहले ही पढ चुका हूँ। संसार में औरतों के साथ हो रहे अकल्पनीय अत्याचारों के विरूद्ध आपका आक्रोश उचित एवं सराहनीय है।औरतों के बलिदान को यदि पुरूष समझ जाये,तो संसार में अमन चैन और सुख सौहार्द का वातावरण स्थापित हो सकता है।शुभकामनाएं।
  • author
    Soha Alam
    04 अक्टूबर 2019
    वाह एकदम नया विषय चुना आपने। कंटेंट्स भी अच्छे थे, कहानी अपना असर छोड़ती है। भाषाप्रवाह शायद थोड़ा और बेहतर हो सकता था। फिर भी अलग विषय पर कहानी के लिए बधाई।
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    kuldeep singh
    04 मार्च 2019
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    05 मार्च 2019
    माननीया सुश्री शोभना तरूण सक्सेना जी,बधाई और साधुवाद। आपकी सभी कहानियां मैं पहले ही पढ चुका हूँ। संसार में औरतों के साथ हो रहे अकल्पनीय अत्याचारों के विरूद्ध आपका आक्रोश उचित एवं सराहनीय है।औरतों के बलिदान को यदि पुरूष समझ जाये,तो संसार में अमन चैन और सुख सौहार्द का वातावरण स्थापित हो सकता है।शुभकामनाएं।
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    Soha Alam
    04 अक्टूबर 2019
    वाह एकदम नया विषय चुना आपने। कंटेंट्स भी अच्छे थे, कहानी अपना असर छोड़ती है। भाषाप्रवाह शायद थोड़ा और बेहतर हो सकता था। फिर भी अलग विषय पर कहानी के लिए बधाई।