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बुद्धु - एक प्रेम कहानी

4.2
15115

"रचित बाबू छुट्टी हो चुकी है, घर नहीं जाना है क्या?", मेरे एक साथी कर्मचारी ने हल्की मुस्कान के साथ मुझे नींद से जगाया। "अरे नहीं सर, वो थोड़ी आँख लग गई थी", मैंने झेंपते हुए कहा। मेरा लखनऊ से भोपाल ...

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समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Prerna Dwivedi
    28 जुलाई 2017
    Waiting for some different story as u picked the amrita Pritam instance first but later on turn in to banal story
  • author
    Gyan Singh "9772079470"
    06 अगस्त 2017
    Sacchi mohabbt ki yahi Dastan..I miss someone after read this story
  • author
    Jagdish
    28 मई 2018
    ये हकीकत है या कोई अफसाना💕💕
  • author
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  • author
    Prerna Dwivedi
    28 जुलाई 2017
    Waiting for some different story as u picked the amrita Pritam instance first but later on turn in to banal story
  • author
    Gyan Singh "9772079470"
    06 अगस्त 2017
    Sacchi mohabbt ki yahi Dastan..I miss someone after read this story
  • author
    Jagdish
    28 मई 2018
    ये हकीकत है या कोई अफसाना💕💕