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भोली लड़की

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ओस की बूंदों जैसी मासूम कभी एक लड़की, वक़्त के दिये दर्द को सहकर भी नहीं भड़की। कभी थे उस के अहसास  मखमल से कोमल, गाये मोहब्बत का गाना वो लगती थी कोयल। ताउम्र झेलती समंदर से गहरे दर्द को खो गई, अब ...

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लेखक के बारे में
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Navneet Gill

Principal in CBSE School. My educational qualifications M.A( Hist.Pol.sci.) B.ed.M.ed.LL.B. I Love humanity my motto is "Work is worship ".

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    jayshankar prasad
    20 दिसम्बर 2020
    बेहतरीन एवं लाजबाब प्रस्तुति है आपकी आदरणीया मैडम जी । अति उत्तम विचारों को दर्शाती आपकी रचना है आदरणीया मैडम जी ।
  • author
    pakhi verma verma "pakhi"
    19 नवम्बर 2020
    बहुत बढ़िया लिखा है आपने सुन्दर प्रस्तुति
  • author
    Kawaljitsingh Bhatia
    19 नवम्बर 2020
    Bhut khoob ji nice rchna ji
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    jayshankar prasad
    20 दिसम्बर 2020
    बेहतरीन एवं लाजबाब प्रस्तुति है आपकी आदरणीया मैडम जी । अति उत्तम विचारों को दर्शाती आपकी रचना है आदरणीया मैडम जी ।
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    pakhi verma verma "pakhi"
    19 नवम्बर 2020
    बहुत बढ़िया लिखा है आपने सुन्दर प्रस्तुति
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    Kawaljitsingh Bhatia
    19 नवम्बर 2020
    Bhut khoob ji nice rchna ji