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भटियारण

4.6
97

मेरी मां ने सुबह सुबह दरवाजे पर किसी के आने की आहट सुनी । सुबह की इतनी ठंड में,कौन आ गया ? कौतूहल लिए मां ने दरवाजा खोला तो देखा नईम भटियारा जीने में खड़ा था। "अरे नईम आज सुबह सुबह कैसे" मां बोल ...

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लेखक के बारे में
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Satyavrata Sharma

सेवा निवृत्ति के बाद अपने बचपन से संरक्षित चित्रकारी की रुचि को मूर्त रुप देने का प्रयास करता रहता हूं।लेखन की ओर भी रुझान है। जयपुर में निवास करता हूं।अब आपसे जुड़ने का प्रयास है।

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    31 मार्च 2024
    बहुत भावपूर्ण कुछ रिश्ते ऊपर से बनकर आते हैं
  • author
    24 दिसम्बर 2019
    जब बनाने वाले ने फ़र्क नहीं किया तो दिल में फ़र्क कैसा
  • author
    Shaline Gupta
    24 दिसम्बर 2019
    जाँति पाँति से दूर दिल के रिश्ते। best
  • author
    आपकी रेटिंग

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    31 मार्च 2024
    बहुत भावपूर्ण कुछ रिश्ते ऊपर से बनकर आते हैं
  • author
    24 दिसम्बर 2019
    जब बनाने वाले ने फ़र्क नहीं किया तो दिल में फ़र्क कैसा
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    Shaline Gupta
    24 दिसम्बर 2019
    जाँति पाँति से दूर दिल के रिश्ते। best