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हिन्दी

भारत की जय

3.8
925

हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, क्रिस्ती, मुसलमान पारसीक, यहूदी और ब्राह्मन भारत के सब पुत्र, परस्पर रहो मित्र रखो चित्ते गणना सामान मिलो सब भारत संतान एक तन एक प्राण गाओ भारत का यशोगान ...

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लेखक के बारे में

जन्म: 7 जुलाई 1883, पुरानी बस्ती, जयपुर, राजस्थान भाषा : हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी विधाएँ : कहानी, निबंध, व्यंग्य, कविता, आलोचना, संस्मरण प्रमुख कृतियाँ : गुलेरी रचनावली (दो खंडों में) संपादन : समालोचक, नागरी प्रचारिणी पत्रिका (संपादक मंडल के सदस्य) निधन: 12 सितंबर 1922, बनारस चन्द्रधर गुलेरी जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे, उन्होने हिन्दी, संस्कृत, पाली, प्राकृत एवं इंग्लिश भाषाओं में साहित्य का सृजन किया है। उन्होने साथ ही खगोल विज्ञान, ज्योतिष, धर्म, भाषा विज्ञान, इतिहास, शोध, आलोचना आदि अनेक दिशाओं में कार्य किया. ह कुछ समय तक काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्राच्य विभाग में प्राचार्य भी रहे।

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Manjit Singh
    01 अगस्त 2020
    aapki kahani aur film usne kaha tha bahut pasand. aai. kavita bahut sundar
  • author
    Vikas Kumar
    22 सितम्बर 2024
    सुंदर रचना
  • author
    Supriya Shejul "Bosss"
    10 जनवरी 2021
    thik he
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    Manjit Singh
    01 अगस्त 2020
    aapki kahani aur film usne kaha tha bahut pasand. aai. kavita bahut sundar
  • author
    Vikas Kumar
    22 सितम्बर 2024
    सुंदर रचना
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    Supriya Shejul "Bosss"
    10 जनवरी 2021
    thik he