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भैया की साली

4.3
30457

इस पापी प्यार के लिये क्या -क्या करना पड़ता है।

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लेखक के बारे में
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Ajit chauhan

सामान्य

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    मधु पुरी अरोरा
    15 सितम्बर 2018
    लाजवाब लिखा है। भला हो जीओ का, कुछ पैसे बच गए। और ये एल आई सी का नौमिनी बदलने की याद आ गई। बाकी जाते जाते पप्पू को झुनझुना दे गई आजकल ऐसे व्यंग्य लिखने वाले विरले ही हैं।
  • author
    Richa Joshi
    17 सितम्बर 2018
    आखिर पप्पू पप्पू ही रह गया। बहुत खूब!!👌
  • author
    Meera Dixit
    28 नवम्बर 2018
    खिल्ली उड़ाई गई है लड़की की चुप्पी को हां समझने वालोें की। मस्त कहानी है
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    मधु पुरी अरोरा
    15 सितम्बर 2018
    लाजवाब लिखा है। भला हो जीओ का, कुछ पैसे बच गए। और ये एल आई सी का नौमिनी बदलने की याद आ गई। बाकी जाते जाते पप्पू को झुनझुना दे गई आजकल ऐसे व्यंग्य लिखने वाले विरले ही हैं।
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    Richa Joshi
    17 सितम्बर 2018
    आखिर पप्पू पप्पू ही रह गया। बहुत खूब!!👌
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    Meera Dixit
    28 नवम्बर 2018
    खिल्ली उड़ाई गई है लड़की की चुप्पी को हां समझने वालोें की। मस्त कहानी है