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भगतसिंह (1931) छोटे भाई कुलतार के नाम अन्तिम पत्र

4.5
3974

छोटे भाई कुलतार के नाम अन्तिम पत्र सेंट्रल जेल, लाहौर, 3 मार्च, 1931 अजीज कुलतार, आज तुम्हारी आँखों में आँसू देखकर बहुत दुख हुआ। आज तुम्हारी बातों में बहुत दर्द था, तुम्हारे आँसू मुझसे सहन नहीं होते। ...

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लेखक के बारे में
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भगत सिंह
समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    govind singh
    16 మే 2021
    मैं एहसान मन्द हूंआपका के आपकी वजह से मैं हर दिल अज़ीज़ आजादी के मतवाले या कहें कि आजादी के भगवान को कुछ और समझ पाया कोशिश करूंगा कि आज ही रात मैं भी उनके बारे में कुछ कहूं आपका बहुत बहुत धन्यवाद
  • author
    Divya Saini
    13 నవంబరు 2018
    Nice
  • author
    Deepti Dwivedi
    17 డిసెంబరు 2017
    heart touching
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  • author
    govind singh
    16 మే 2021
    मैं एहसान मन्द हूंआपका के आपकी वजह से मैं हर दिल अज़ीज़ आजादी के मतवाले या कहें कि आजादी के भगवान को कुछ और समझ पाया कोशिश करूंगा कि आज ही रात मैं भी उनके बारे में कुछ कहूं आपका बहुत बहुत धन्यवाद
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    Divya Saini
    13 నవంబరు 2018
    Nice
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    Deepti Dwivedi
    17 డిసెంబరు 2017
    heart touching