pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

बेघर गृहिणी हूं मैं

4.2
333

घर लौटते पंछी पूछते हैं अक्सर मुझसे मेरे दिन का हिसाब रह जाती चुपचाप.... या कभी बेख्याली में हड़बड़ाकर बोल पड़ती हूं चलूंगी एक दिन मैं भी तुम्हारी तरह उन्मुक्त गगन में और फिर देखती ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
author
शिवानी

जीवन परिचय >  नामः शिवानी शर्मा > लेखकीय नाम: शिवानी जयपुर > जन्मः 06 मार्च ,उदयपुर (राजस्थान) > शिक्षाः बी.काम. , मोन्टेसरी डिप्लोमा, जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में पी जी डिप्लोमा > वर्तमान पताः नरेन्द्र नगर,जयपुर > सम्प्रतिः आकाशवाणी जयपुर में एंकर, स्वतन्त्र लेखन एवं अध्यापन > लेखनः बचपन से ही लेखन में रूची,अच्छा लिखना,पढ़ना,संगीत सुनना,घूमना और बच्चों के साथ खेलना तथा समाज से जो अनुभव व अहसास मिले उन्हीं अनुभव व अहसाओं को अपनी कविता/कहानी के माध्ययम से लोगों के दिलों में उतारने की कोशिश करती हूं। > प्रकाशित पुस्तकें 1.आठ साझा संग्रह में प्रकाशन एवं संपादन 2-'कुछ ख्वाब कुछ हकीकत' काव्य संग्रह 2016 (2017 में राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत) 3-'कुछ मत पूछना हम सच कह बैठेंगी' काव्य संग्रह 2019 (किंडल संस्करण) 4-'कबीर जग में जस रहे' कहानी संग्रह 2022 5- 'उदासियों की चिट्ठी' डायरी 2025 >अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और स्थानीय समाचार पत्रों, पत्रिकाओं और ई मैगज़ीन आदि में कविताएं, कहानियाँ और समसामयिक विषयों पर आलेख निरंतर प्रकाशित एवं पुरस्कृत। > सम्मानः उत्कृष्ट लेखन, कार्यक्रम संयोजन एवं मंच संचालन के लिए अनेक बार सम्मानित > अन्यः 1-1990 से वर्तमान समय तक आकाशवाणी और 2015 से दूरदर्शन पर एंकर 2- 2007-17 तक प्री प्रायमरी अध्यापन में संलग्न 3-"अजमेर पोएट्स कलेक्टिव" साहित्यिक मंच की संस्थापक सदस्य

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    21 मार्च 2023
    नारी की बेबस ज़िन्दगी का यथार्थ चित्रण करती सुन्दर रचना । हार्दिक साधुवाद
  • author
    Nalini Singh
    15 दिसम्बर 2022
    बहुत सुंदर पंक्तियां हैं यही हाल हर औरत का है 👌👌👌😚😚😚😚
  • author
    Tanuja Dandwate
    22 मार्च 2019
    दिल को छू गई औरतो के ससुराल और मायके होते है अपने घर नहीं
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    21 मार्च 2023
    नारी की बेबस ज़िन्दगी का यथार्थ चित्रण करती सुन्दर रचना । हार्दिक साधुवाद
  • author
    Nalini Singh
    15 दिसम्बर 2022
    बहुत सुंदर पंक्तियां हैं यही हाल हर औरत का है 👌👌👌😚😚😚😚
  • author
    Tanuja Dandwate
    22 मार्च 2019
    दिल को छू गई औरतो के ससुराल और मायके होते है अपने घर नहीं