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बया का घोंसला

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स्व. बहिणाबाई चौधरी की रचनाए महाराष्ट्र की अहिराणी (खानदेशी) भाषा में, गाँव की सीधी साधी बोली भाषा में लिखी गयी है। उनकी इस रचना में बया (चिडीया) के घोंसले का वर्णन किया गया है। मेरा ये अनुवाद, ...

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लेखक के बारे में
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मनीष गोडे

I am an amateur writer and poet. I also write in Hindi and Marathi as well. I will appreciate your valuable comments. मैं एक शौकिया लेखक कवी हूँ। मैं अपने आसपास घटीत हो रही घटनाओं को अपने ख़यालात में बुनने की कोशिश करता हूँ। मैं अपने लेख एवम् कविताओं के माध्यम से कोई ना कोई सामाजिक सन्देश देने की कोशिश करता हूँ। प्रतिलिपि द्वारा आयोजित अनेक प्रतियोगिताओं में मैंने अपनी जगह बनायीं है।

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    રામ ગઢવી "RK"
    21 जुलाई 2017
    adbhoot bhavmay aur dayavan kavita.... congratulations
  • author
    Amol Barai
    19 जुलाई 2017
    खुप छान.
  • author
    Ashuday Mane "Sandeep"
    07 दिसम्बर 2019
    मस्त सर कविता आहे
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  • author
    રામ ગઢવી "RK"
    21 जुलाई 2017
    adbhoot bhavmay aur dayavan kavita.... congratulations
  • author
    Amol Barai
    19 जुलाई 2017
    खुप छान.
  • author
    Ashuday Mane "Sandeep"
    07 दिसम्बर 2019
    मस्त सर कविता आहे