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बस रहने दे

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बस रहने दे आंखों से गर अश्क बह रहे है तो बहने दे, बस रहने दे। कौन है यह अपना निस्वार्थ से, सब अपने कह रहे है तो कहने दे बस रहने दे। झूठ का पुलिंदा बांधा है सभी ने, सच कोई कह रहा है तो कहने दे बस ...

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लेखक के बारे में
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Gopal Krishna
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Suresh Kumar Bisandas Baghel "Suman"
    03 जून 2021
    कितनी अच्छी रचना है!!!💐👍👍
  • author
    rani harikishan
    02 जून 2021
    Bahut sundar kavita
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  • author
    Suresh Kumar Bisandas Baghel "Suman"
    03 जून 2021
    कितनी अच्छी रचना है!!!💐👍👍
  • author
    rani harikishan
    02 जून 2021
    Bahut sundar kavita