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बारहा गोर दिल झुका लाया

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बारहा गोर दिल झुका लाया अबके शर्ते-वफ़ा बजा लाया क़द्र रखती न थी मताए-दिल सारे आलम को मैं दिखा लाया दिल कि यक क़तरा-ए-ख़ूँ नहीं है बेश एक आलम के सर बला लाया सब पे जिस बार ने गिरानी की उसको यह नातवाँ...