यादों के पिटारे से बिहार में अगर कंजूसी की वजह से बारात के साथ बैंड बाजा नहीं ले गए हैं !! तो उसकी कमी को पूरा करने के लिए दूल्हे के घरवालों को चाहिए कि "पटफरायी की साड़ी " बहुत सस्ती ले जाएं। फिर तो ...

प्रतिलिपियादों के पिटारे से बिहार में अगर कंजूसी की वजह से बारात के साथ बैंड बाजा नहीं ले गए हैं !! तो उसकी कमी को पूरा करने के लिए दूल्हे के घरवालों को चाहिए कि "पटफरायी की साड़ी " बहुत सस्ती ले जाएं। फिर तो ...