बहुत सही ग़म-ए-गेती शराब कम क्या है ग़ुलाम-ए-साक़ी-ए-कौसर हूँ मुझको ग़म क्या है तुम्हारी तर्ज़-ओ-रविश जानते हैं हम क्या है रक़ीब पर है अगर लुत्फ़ तो सितम क्या है सुख़न में ख़ामा-ए-ग़ालिब की ...
मूल नाम : मिर्ज़ा असदउल्ला बेग़ ख़ान ग़ालिब
जन्म : 27 दिसंबर 1796, आगरा (उत्तर प्रदेश)
भाषा : उर्दू, फ़ारसी
विधाएँ : गद्य, पद्य
निधन - 15 फरवरी 1869, दिल्ली
सारांश
मूल नाम : मिर्ज़ा असदउल्ला बेग़ ख़ान ग़ालिब
जन्म : 27 दिसंबर 1796, आगरा (उत्तर प्रदेश)
भाषा : उर्दू, फ़ारसी
विधाएँ : गद्य, पद्य
निधन - 15 फरवरी 1869, दिल्ली
🙏🙏 बहुत ही अच्छी लेखनी काबिले तारीफ बहुत ही उम्दा💐🙏बहुत गहरी बातें छुपी हैं, चंद शब्दों में, भाव से भरी पंक्तियों में
बहुत ख़ूबसूरत पंक्तियां। अशेष शुभकामनाएं आपको
👌👌🙏💐
उत्साहित और बधाई देने के लिये शब्दों की कमी महसूस कर रहा हूँ ..... बहुत बढ़िया
अपनी लेखनी से संपूर्ण वसुधा को सुभाषित करते रहिए
बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें
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🙏🙏 बहुत ही अच्छी लेखनी काबिले तारीफ बहुत ही उम्दा💐🙏बहुत गहरी बातें छुपी हैं, चंद शब्दों में, भाव से भरी पंक्तियों में
बहुत ख़ूबसूरत पंक्तियां। अशेष शुभकामनाएं आपको
👌👌🙏💐
उत्साहित और बधाई देने के लिये शब्दों की कमी महसूस कर रहा हूँ ..... बहुत बढ़िया
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